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दरअसल, बाकी अंगों की तरह किडनी भी हमारे शरीर का बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है, जो शरीर में न केवल खून साफ़ करने का काम करती है, बल्कि शरीर में मौजूद फालतू और जहरीले पदार्थों को बाहर निकालने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करती है। ऐसे में, सभी हानिकारक पदार्थ पेशाब के माध्यम से बाहर निकल जाते हैं, पर कुछ स्थितियों में कुछ मिनरल्स और नमक शरीर से निकल नहीं पाते हैं और शरीर में छोटे-छोटे क्रिस्टल बनकर बहुत ही कठोर रूप में जमा हो जाते हैं। आम तौर पर, इन्हीं छोटे-छोटे क्रिस्टल को पथरी के नाम से जाना जाता है। किडनी में पथरी बनने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें गलत खान पान का सेवन करना, रोजाना कम मात्रा में पानी का सेवन करना और खराब जीवनशैली होना जैसे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। दरअसल, इन्हीं कारणों की वजह से आज किडनी की पथरी में तेजी से वृद्धि हो रही है। आज हर कोई किडनी में पथरी होने की समस्या की शिकायत कर रहा है। इसलिए, आज किडनी में पथरी एक आम समस्या बन चुकी है। इस समस्या के कारण लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिसमें पेट के निचले हिस्से में हद से ज्यादा दर्द होना शामिल है।
आम तौर पर, किडनी में पथरी का निर्माण एकदम से नहीं होता है, बल्कि यह किडनी में धीरे-धीरे बनती है और किडनी की सेहत को बुरी तरीके से प्रभावित करके रख देती है। दरअसल, आपको बता दें, कि जब एक व्यक्ति के शरीर में मिनरल्स और केमिकल्स की मात्रा काफी ज्यादा असंतुलित हो जाती है, तो ऐसे में, यह पेशाब में घुलने की जगह यह क्रिस्टल का रूप ले लेते हैं और आपस में जुड़कर अपने आकार को बड़ा कर लेते हैं और एक कठोर रूप धारण कर किडनी में जमा होने लग जाते हैं और किडनी में पथरी का रूप धारण कर समस्या पैदा कर देते हैं। अगर पीड़ित व्यक्ति इस तरह की स्थिति में रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन नहीं करता है और ज्यादा नमक का सेवन करना या फिर उसका वजन हद ऐसे ज्यादा है, तो इन कारणों से स्थिति और भी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है। दरअसल, कमर में दर्द होना, पेशाब के रंग में बदलाव होना, पेशाब करते वक्त जलन होना जैसे लक्षण इस समस्या के हो सकते हैं, जिन पर ध्यान देना अति आवश्यक होता है। इस तरह की स्थिति उत्पन्न होते ही आपको सबसे पहले अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में, इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।
किडनी में पथरी के लक्षण क्या हो सकते हैं?
किडनी में पथरी के लक्षण निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे कि
- कमर में काफी तेज दर्द होना
- पेट के निचले हिस्से में गंभीर रूप से दर्द होना।
- पेशाब करते वक्त जलन होना।
- पेशाब के रंग में बदलाव होना।
- पेशाब में से बदबू आना।
किडनी में पथरी होने के क्या कारण हो सकते हैं?
वैसे तो, किडनी में पथरी बनने के कई कारण हो सकते हैं, पर इसमें से कुछ निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे
- रोजाना कम मात्रा में पानी का सेवन करना।
- काफी ज्यादा नमक का सेवन करना।
- अधिक मोटापा होना।
- परिवार में पहले से ही किडनी स्टोन की हिस्ट्री होना।
- कुछ खाद्य पदार्थों जैसे पालक, चॉकलेट और कुछ नट्स का अधिक मात्रा में सेवन करना।
आखिर किन तरीकों से किया जाता है किडनी में पथरी का इलाज?
किडनी की पथरी का इलाज इसके आकार और स्थिति की गंभीरता पर निर्भर करता है। निम्नलिखित तरीकों का इस्तेमाल करके किडनी में होने वाले पथरी का इलाज किया जा सकता है, जैसे कि
- किडनी की पथरी का इलाज करने के लिए दवाइयों का इस्तेमाल करना।
- किडनी में पथरी होने पर ज्यादा पानी का सेवन करना।
- किडनी से पथरी को निकालने के लिए शॉक वेव थेरेपी का इस्तेमाल करना।
- किडनी में मौजूद पथरी को बाहर निकालने के लिए एंडोस्कोपिक सर्जरी का सहारा लेना।
किडनी की पथरी के दौरान आखिर कब पड़ती है सर्जरी की जरूरत?
वैसे तो, किडनी में मौजूद पथरी के ज्यादातर मामलों में किडनी की पथरी को दवाइयों और जीवनशैली में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव करके ठीक किया जा सकता है। पर, पथरी का आकार 6 से 7 मिमी से बड़ा होने, पथरी के मूत्र नली में फंस जाने, पथरी के कारण पेट में गंभीर और बार-बार दर्द उठने, बार-बार यूरिन इन्फेक्शन होने, किडनी को कोई नुकसान होने का खतरा होने जैसे कुछ मामलों में सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।
किडनी की पथरी से बचने के लिए किन तरीकों को अपनाना चाहिए?
दरअसल, किडनी की पथरी से बचने के लिए आप निम्नलिखित तरीकों को अपना सकते हैं, जैसे
- रोजाना कम से कम 2 से 3 लीटर पानी का सेवन जरूर करें।
- ज्यादा नमक और जंक फूड का सेवन करने से बचें।
- बैलेंस डाइट का सेवन करें।
- रोजाना एक्सरसाइज करें।
- डॉक्टर की सलाह पर ही कोई दवा लें।
निष्कर्ष: किडनी में पथरी की समस्या आम है। गलत जीवनशैली के कारण किडनी की पथरी के मामलों तेजी बढ़ रहे हैं। इस लेख में बताया गया है, कि किडनी में पथरी का निर्माण कैसे होता है और इसके लक्षण, कारण और इलाज क्या होता है। ऐसे में, पेट के निचले हिस्से में दर्द होना इस समस्या का आम लक्षण हो सकता है, जिस पर ध्यान देना जरूरी है, इसके अलावा इस के बाकी के लक्षणों पर भी ध्यान देना बहुत महत्वपूर्ण है, ताकि समस्या को समय पर रोका जा सके। किडनी की पथरी से बचने के लिए रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इसके गंभीर मामलों में आप डॉक्टर से तुरंत मिल सकते हैं। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और किडनी से जुड़ी किसी भी समस्या का तुरंत समाधान प्राप्त करने के लिए आप आज ही खोसला स्टोन किडनी एंड सर्जिकल सेंटर के विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल!
प्रश्न 1. क्या किडनी की पथरी को सर्जरी के माध्यम से निकाल दिया जाता है?
वैसे तो, किडनी की पथरी से पीड़ित हर मरीज को सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती है, क्योंकि छोटी पथरीओं को दवाइयों और रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर निकाल दिया जाता है। हाँ यह सच है, कि आकार में बड़ी और ज्यादा दर्द करने वाली पथरी को सर्जरी के माध्यम से निकाल दिया जाता है।
प्रश्न 2. क्या सभी को किडनी में पथरी की समस्या हो सकती है?
हाँ, थ्योरी के हिसाब से सभी को किडनी में पथरी की समस्या हो सकती है।
प्रश्न 3. क्या किडनी की पथरी के दौरान व्यक्ति बेहोश हो सकता है?
दरअसल, हां कई मामलों में ऐसा हो सकता है, की किडनी की पथरी के दौरान होने वाले असहनीय दर्द, चक्कर आने और जी मिचलाने जैसे कारणों की वजह से व्यक्ति बेहोश हालत में जा सकता है।
प्रश्न 4. क्या किडनी की पथरी में खीरे का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है?
दरअसल, हाँ किडनी की पथरी के दौरान खीरे का सेवन करना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। पर, यह फायदेमंद तभी होगा जब इसका सेवन सही और कुछ सावधानियों के साथ किया जाए तो।

