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दरअसल, प्रोस्टेट कैंसर को एक गंभीर बीमारी के रूप में जाना जाता है। प्रोस्टेट कैंसर विशेष रुप से ज्यादातर बड़ी उम्र के व्यक्तिओं को बुरी तरीके से प्रभावित करता है। आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि 50 साल की उम्र के बाद लोगों में इस समस्या का जोखिम काफी ज्यादा बढ़ जाता है। लगभग 70 साल की उम्र के बाद लोगों में यह समस्या काफी ज्यादा आम हो जाती है। आम तौर पर, पुरुषों में यह समस्या काफी ज्यादा जोखिम भरी होती है, जिसका इलाज करना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। असल में, इसके कारणों में विशेष रूप से पारिवारिक इतिहास शामिल हो सकता है, जो कि इस समस्या एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक होता है। इस तरह की स्थिति में, अगर परिवार में किसी को इस तरह की समस्या हुई है, जिसमें पिता और भाई भी शामिल होते हैं, तो एक व्यक्ति में इस तरह की गंभीर समस्या का जोखिम और भी ज्यादा बढ़ जाता है।
इसके अलावा, यह अफ्रीकी वंश के पुरुषों में काफी ज्यादा देखने को मिल सकती है और अधिक आक्रामक रूप धारण कर सकती है। आम तौर पर, इस तरह की समस्या में व्यक्ति की जीवन शैली भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जैसे कि ज्यादा फैट वाले खाने का सेवन करना, मोटापा होना, स्मोकिंग करना, ज्यादा शराब पीना और फिजिकल एक्टिविटीज़ की कमी होना जैसी जीवनशैली में खराब आदतों को अपनाने से इस समस्या का खतरा काफी बढ़ जाता है।
दरअसल, प्रोस्टेट कैंसर जैसी गंभीर समस्या तब उतपन्न होती है, जब पुरुषों के प्रोस्टेट ग्लैंड के सेल्स बेकाबू होकर अपने आप बढ़ने लगते हैं और ट्यूमर बनाने लग जाते हैं। इस समस्या का विकास धीरे धीरे होता है, पर एक समय पर आकर यह काफी ज्यादा तेज हो सकती है और दूसरे अंगों में फैल सकती है। इसके लक्षणों में बार-बार पेशाब लगना, पेशाब करने में दर्द होना, मूत्र प्रवाह में कमी होना शामिल हैं, पर शुरुआत में इसके लक्षण आम हो सकते हैं जिनको ज्यादातर लोग नज़रअंदाज कर देते हैं। इसके इलाज में, कम रिस्क या शुरुआती स्टेज का इलाज और मध्यम से गंभीर स्टेज का इलाज शामिल होता है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।
प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण क्या होते हैं?
आम तौर पर, प्रोस्टेट कैंसर की शुरुआत आम लक्षणों से होती है, जिन पर ज्यादातर लोग ध्यान नहीं देते हैं और समस्या को गंभीर रस्ते पर ले जाते हैं। इसके प्रमुख लक्षणों में, निम्नलिखित शामिल होते हैं, जैसे कि
- विशेष तौर पर रात में, बार-बार पेशाब करने की इच्छा होना।
- पेशाब करते वक्त काफी ज्यादा दिक्कत और दर्द होना।
- पेशाब के प्रवाह में काफी कमी या फिर रुकावट होना।
- पेशाब या फिर वीर्य में काफी ज्यादा खून आना।
- पीठ, और पीठ के निचले हिस्से में लगातार दर्द होना।
- काफी ज्यादा थकान होना या फिर वजन कम होना।
प्रोस्टेट कैंसर का ट्रीटमेंट?
दरअसल, प्रोस्टेट कैंसर के उपचार के कई विकल्प हो सकते हैं, जो अक्सर बीमारी की स्टेज पर ही निर्भर करते हैं। इसमें शामिल हो सकते हैं, जैसे कि
- कम जोखिम वाला या फिर शुरुआती स्टेज का इलाज: जब कैंसर प्रोस्टेट तक ही सीमित होता है और इसका धीरे धीरे विकास होता है, तो इसके लिए डॉक्टर एक्टिव सर्विलांस का सुझाव दे सकते हैं, जिसमें कैंसर पर लगातार नज़र राखी जाती है। पर, इसमें तुरंत इलाज नहीं किया जाता है। इसके अलावा इसमें, सर्जरी या फिर रेडिएशन थेरेपी को भी चुना जा सकता है।
- मध्यम से गंभीर स्टेज का इलाज: समस्या की इस स्टेज में हार्मोन थेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम किया जाता है, ताकि कैंसर का विकास रोका जा सके। दरअसल, जब कैंसर शरीर के दूसरे हिस्सों में फैल जाता है, तो फिर कीमोथेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है।
हड्डियों तक फैल चुके कैंसर का इलाज
आम तौर पर, कैंसर की यह सबसे ज्यादा खतरनाक स्थिति होती है, जिसमें कैंसर को पूरी तरीके से खत्म नहीं किया जाता है, बल्कि एक व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए लक्षणों को कम किया जाता है। इस तरह की स्थिति में, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, बोन-स्ट्रेंथनिंग दवाएं और पेन मैनेजमेंट शामिल होता है।
निष्कर्ष: प्रोस्टेट कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जो तब उत्पन्न होती है, जब पुरुषों के प्रोस्टेट ग्लैंड के सेल्स बेकाबू हो जाते हैं और अपने आप बढ़ने लगते हैं, जिससे ट्यूमर बनने लगता है। यह समस्या ज्यादातर बड़ी उम्र के व्यक्तिओं को बुरी तरीके से प्रभावित करती है। इस लेख में आपको इसके कारणों और लक्षणों के बारे में, बताया गया है, जिन का समय पर इलाज होना काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इसके इलाज के लिए कई विकल्प उपलब्ध हैं, जिसके माध्यम से इसका इलाज सफलतापूर्वक किया जा सकता है। अगर आपको भी इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करनी है, या फिर अगर आपको भी प्रोस्टेट कैंसर जैसी कोई समस्या है, जिस का आप इलाज चाहते हैं, तो आप आज ही खोसला स्टोन किडनी एंड सर्जिकल सेंटर में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

