![]()
दरअसल, आज की भागदौड़ भरी जिनगी में कोई भी अपनी सेहत पर महत्वपूर्ण ध्यान नहीं देता है और इसी के चलते ज्यादातर लोग पेट में पथरी जैसी गंभीर समस्या का शिकार हो जाते हैं। आम तौर पर, ज्यादातर लोगों द्वारा अपनी सेहत पर महत्वपूर्ण ध्यान न देने पर ही इस तरह की समस्या आज बहुत ही आम सी हो गई है। दरअसल, यह समस्या जितनी ज्यादा आम होती है, उतनी ही ज्यादा गंभीर भी होती है। इसलिए, इस तरह की समस्या के लक्षणों के बारे में पता चलते ही इस का तुरंत इलाज होना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है।
गॉल ब्लैडर स्टोन जिसे पित्ताशय की पथरी भी कहा जाता है। दरअसल, गॉल ब्लैडर जो पेट में लिवर से जुड़ा हुआ एक छोटा ब्लैडर जैसा अंग होता है, जहाँ से बाइल आंतों तक पहुँचाया जाता है। आम तौर पर, अगर इस समस्या की पहचान समय पर कर ली जाये, तो पित्ताशय की पथरी से अपना बचाव किया जा सकता है।
दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि कभी -कभार इस के पदार्थ में पाया जाने वाला कोलेस्ट्रॉल या फिर बाइल पिग्मेंट की काफी ज्यादा मात्रा पित्ताशय में पथरी के निर्माण का कारण बनती है। आम तौर पर, पित्ताशय की पथरी का आकार मटर के दाने से लेकर गोल्फ बॉल के तितना बड़ा हो सकता है। कभी -कभी पित्ताशय में पथरी एक से ज़्यादा भी हो सकती हैं, जिससे कि पीड़ित व्यक्ति के पेट में पित्ताशय की पथरी का दर्द असहनीय हो जाता है। ऐसे में बहुत से लोग जानना चाहते हैं, कि पित्ताशय की पथरी का खतरा सबसे ज्यादा किस को होता है और क्या उपवास और तेजी से वजन कम करना गॉल ब्लैडर स्टोन का कारण बन सकता है? दरअसल, पित्ताशय की पथरी की पहचान 5 F’s के नाम से भी की जाती है, क्योंकि ज्यादातर जिन लोगों को पित्ताशय की पथरी प्रभावित करती है, उनके नाम की शुरुआत अक्सर F से होती है, जैसे कि यह समस्या ज्यादातर महिलाओं को ही प्रभावित करती है, जिसको इंग्लिश में फीमेल के नाम से जाना जाता है। इसी तरह यह गोरी जाती के लोगों को काफी ज्यादा प्रभावित करती है, जिसको इंग्लिश में फेयर कहा जाता है। इंग्लिश में फैट यानी कि मोटापा हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण मोटापा एक जोखिम कारक बना हुआ है। दरअसल, काफी ज्यादा फैट वाले भोजन से भी पित्ताशय में पथरी ज्यादा हो सकती हैं। फर्टाइल यानी कि गर्भावस्था के दौरान भी पथरी की समस्या हो सकती है, इसके साथ ही गर्भावस्था को कंट्रोल करने की हार्मोनल टैबलेट से भी पथरी की समस्या का निर्माण हो सकता है। फोर्टी यानी कि 40 साल की उम्र के बाद भी महिअलों में इस तरह की समस्या का होना आम होता है। इसके अलावा, यह बात बिल्कुल सही है, कि तेजी से अपने वजन को कम करने और बार -बार उपवास रखने से भी पित्ताशय में पथरी की समस्या हो सकती है।
पित्ताशय में पथरी के मुख्य लक्षण
दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि पित्ताशय की पथरी को घोलने या फिर ख़त्म करने के लिए किसी भी तरह की कोई भी दवा नहीं होती है। इसका इलाज करने करने के लिए पित्ताशय को निकाल दिया जाता है, जिससे मरीज को किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं होता है। इसके मुख्य लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं, जैसे कि
- काफी ज्यादा ठंड लगना।
- बुखार होना।
- पेशाब और पॉटी में बदलाव होना।
- पेशाब का रंग बदल जाना।
- पीलिया होना।
पित्ताशय की पथरी के कारण होने वाली अन्य बीमारियां
पित्ताशय की पथरी के कारण होने वाली अन्य बीमारियों में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं, जैसे कि
- पथरी के कारण पित्ताशय में संक्रमण की समस्या होना।
- बाइल की नली में रुकावट आने से पीलिया से पेट में तेज दर्द होना।
- पैंक्रियाज में संक्रमण होना।
इस तरह की समस्या के शुरुआती इलाज में दर्द निवारक दवाएँ, ड्रिप और एंटीबायोटिक्स आदि शामिल हो सकती हैं। कुछ मामलों में ऑपरेशन के बाद थैली निकाल दी जाती है, जो कि काफी ज्यादा सुरक्षित होती है।
पित्ताशय की पथरी से बचाव कैसे किया जा सकता है?
दरअसल, पित्ताशय की पथरी से बचाव करने के लिए आप निम्नलिखित उपायों सकते हैं, जैसे कि
- रोजाना सेहतमंद आहार का सेवन करना।
- व्यायाम करना।
- शरीर में कोलेस्ट्रॉल न बढ़ने देना।
- तेज़ी से वज़न कम न करना, बल्कि धीरे- धीरे वजन को कम करना।
- बार बार उपवास न को न रखना।
पित्ताशय की पथरी से बचने के लिए ऊपर दिए गए उपायों को जरूर अपनाएं। दरअसल, जब एक बार पित्ताशय की पथरी का शिकार हो जाते हैं, तो इसका दर्द असहनीय हो जाता है।
निष्कर्ष: पित्ताशय की पथरी होना एक आम समस्या है, पर समय पर इलाज न मिलने पर यह सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। पित्ताशय की पथरी को 5 F’s के नाम से भी जाना जाता है, जो ज्यादातर F नाम के लोगों को प्रभावित करता है, जिसमें फीमेल, फर्टाइल, फेयर, फैट और फोर्टिस के लोग शामिल होते हैं। उपवास और तेजी से वजन कम करने पर भी पित्ताशय की पथरी हो सकती है। इस लेख के माध्यम से हमने आपको इस समस्या के मुख्य लक्षणों के बारे में बताया है, जिसका इलाज संतुलित आहार का सेवन करके, रोजाना डॉक्टर से चेकअप करवाके और रोजाना नियमित व्यायाम करने से किया जा सकता है। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और पथरी जैसी गंभीर समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही खोसला स्टोन किडनी एंड सर्जिकल सेंटर में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

