क्या है किडनी स्टोन की समस्या?
- पथरी का दर्द असहनीय होता है। शरीर में पथरी, किडनी या गॉल ब्लैडर दोनों में किसी भी जगह पर बन सकती है। आमतौर पर किडनी में बनने वाली पथरी दवाइयों की सहायता से यूरीन के जरिये बाहर आ जाती है लेकिन गॉल ब्लैडर यानि पित्त की थैली में बनने वाली पथरी ऑपरेशन के जरिये ही बाहर आती है।
गुर्दे या किडनी की पथरी कैसे बनती हैं ?
- जब मूत्र में कैल्शियम, ऑक्सालेट, यूरिक एसिड और सिस्टीन जैसे कुछ पदार्थों का इक्कठ बढ़ने लगता है, तो वे क्रिस्टल बनाने लगते हैं जो गुर्दे से जुड़ने लगते हैं और धीरे-धीरे आकार में बढ़ कर पथरी का रूप धारण कर लेते हैं। जिससे पथरी बनने की प्रक्रिया की शुरुआत हो जाती है।
क्या खाने से किडनी स्टोन की समस्या उत्पन होती है ?
- कोल्ड ड्रिंक और कैफीन का सेवन यदि आप ज्यादा करते है तो आपके किडनी में पथरी की समस्या और ज्यादा बढ़ सकती है, इसलिए इनका सेवन बिल्कुल न करें।
- नॉनवेज से बिल्कुल दूरी बनाकर रखें।
- नमक का बहुत कम सेवन करें।
- विटामिन-सी और ऑक्सलेट वाली चीजों से बनाए दूरी।
- हाई फॉस्फोरस वाले पदार्थों का सेवन न करें, जैसे (चॉकलेट, नट्स, कार्बोनेटेड ड्रिक्स, दूध और दूध से बने पदार्थ दही, पनीर , मक्खन, सोया पनीर, सोया दही, और फास्ट फूड, आदि।
किडनी में स्टोन के लक्षण क्या है ?
इसके लक्षण पत्थरों के आकार और उनके स्थान पर निर्भर करते है;- पथरी की वजह से जो सबसे आम लक्षण उभरते हैं वो है पेट या उसके निचले हिस्से में दर्द का होना और ये दर्द कमर तक बढ़ सकता है। पत्थर निकालते समय दर्द का होना सबसे आम है। इसमें गंभीर कष्टदायी दर्द की लहरें भी उठतीं हैं जिसे ‘वृक्क शूल’ कहा जाता है, जो 20 से 60 मिनट तक रहता है।
- पेशाब करने में कठिनाई, और मूत्र में रक्त की समस्या उत्पन हो सकती है।
- मूत्र से रेत जैसे कठोर कण निकल सकते हैं।
- पथरी का मूत्र के रास्ते में फसें होने के कारण पेशाब करने में बाधा उत्पन्न होती है और दर्द होता है।
- गुर्दे में अगर पथरी बहुत छोटी हो तो वे मूत्र मार्ग में रुकावट पैदा नहीं करते हैं, जिससे पथरी का कोई लक्षण नहीं नज़र आता।