
गुर्दे की पथरी हम में से कई लोगों के लिए अक्सर एक चिंता का कारण रही है। वास्तव में इन कठोर संरचनाओं की वजह से न सिर्फ गुर्दे पे हानिकारक प्रभाव पड़ता है, बल्कि इससे हमारी संपूर्ण मूत्र प्रणाली भी प्रभावित होती है।
इस समस्या के मुख्य कारण, हमारी जीवन शैली, खान-पान और अस्वास्थ्यकर आदतें होती हैं। इन आदतों का असर न केवल हमारे समग्र स्वास्थ्य पर पड़ता है, बल्कि यह मूत्र नली संक्रमण (यूटीआई) और गुर्दे के संक्रमण जैसी खतरनाक बिमारिओं को भी जन्म दे सकते हैं।
इस लेख के माध्यम से, हमारा उद्देश्य, पाठकों को यह समझाना है, कि हमारी जीवनशैली की वह कौन-कौन सी प्रमुख समस्याएं हैं, जो गुर्दे की पथरी जैसी समस्याओं का कारण बनती हैं और साथ ही उनसे बचने के तरीके भी।
जैसा कि ऊपर बताया गया है, कि जीवनशैली से जुड़ी गलत आदतों की वजह से हम अक्सर अपने गुर्दे में ऐसे तत्वों के निर्माण का अहसास करते हैं और इनमे से ज्यादातर बीमारियां धीरे -धीरे हमारे समग्र कामकाज पर गंभीर असर डालती हैं।
हमारे शरीर में इस तरह की स्थिति के कारणों की सूची इस प्रकार है:
जब आप रोजाना कम मात्रा में पानी पीते हैं, तो इसके कारण शरीर में पेशाब और खनिजों का गाढ़ापन बढ़ सकता है, जो क्रिस्टलीकृत होकर पथरी का रूप धारण कर लेते हैं। इसलिए आपको अपने गुर्दे को बेहतर तरीके से सुरक्षित और स्वस्थ रखने के लिए, रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बहुत जरूरी है, ताकि इस तरह की चीजें गुर्दे के अंदर प्रवेश न कर सकें।
अगर आप नमक और कैल्शियम से भरपूर, जैसे की पालक, चुकंदर, मेवे, चॉकलेट और सब्जियों जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन ज्यादा मात्रा में करते हैं, तो इससे आपके पेशाब में कैल्शियम का उत्सर्जन काफी ज्यादा बढ़ सकता है। पेशाब में बढ़ता हुआ कैल्शियम गुर्दे के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।
यह सुनने में आपको थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन अगर आपके आहार में कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा नहीं होगी, तो यह आपके गुर्दे में पथरी बनने का कारण और गुर्दे के लिए हानिकारक साबित हो सकता है, क्योंकि उचित कैल्शियम वाले पदार्थों का सेवन पथरी या क्रिस्टल की रोकथाम में मदद कर सकता है।
अगर हम अपने आहार में लाल मांस का सेवन ज्यादा मात्रा में करते हैं, तो इसके कारण शरीर में यूरिक एसिड बढ़ जाता है, जिसकी वजह से यूरिक एसिड की पथरी बन सकती है।
लगातार शारीरिक गतिविधियों की कमी की वजह से व्यक्ति मोटापे का शिकार हो सकता है, जिसके कारण मधुमेह और पथरी जैसी अन्य बीमारियां भी हो सकती हैं।
अन्य कारक : उच्च फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप, शराब और कैफीन का ज्यादा मात्रा में सेवन और विटामिन डी और सी की जरूरत से ज्यादा खुराक लेना भी गुर्दे में पथरी जैसी स्थिति का कारण बन सकती है।
जम्मू और कश्मीर में गुर्दे की पथरी का उपचार करने वाले विशेषज्ञ इस सिद्धांत पर दृढ़ता से भरोसा करते हैं, कि रोकथाम, इलाज से बेहतर है। इसलिए वह लोगों को इस समस्या से बचने के लिए नीचे दिए गए सर्वोत्तम तरीकों को अपनाने की सलाह देते हैं।
कैल्शियम ऑक्सालेट पथरी को बनने से रोकने में मदद करता है, पर अगर कैल्शियम का सेवन बेकाबू तरीके से किया जाये, तो यही गुर्दे में पथरी बनने का कारण भी बन सकता है। इसलिए, इस तरह की समस्याओं से अपना बचाव करने के लिए आप सीमित मात्रा में ही कैल्शियम का सेवन करें।
इस दौरान आपको इस तरह के खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना होगा, जिनमें सोडियम, पशु प्रोटीन और उच्च ऑक्सालेट के गुण भरपूर मात्रा में पाये जाते हैं।
गुर्दे में पथरी बनने से रोकने के लिए, आपको अपनी हाइड्रेशन को बढ़ाना होगा और कैफीन और अल्कोहल जैसे पदार्थों से दूरी बनानी होगी।
नींबू पानी का सेवन करना, किसी भी अंतर्निहित समस्या के उपचार के लिए नियमित जाँच करवाना और अपने वजन को कंट्रोल में रखना, वास्तव में आपके गुर्दे को प्रभावी ढंग से स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है।
अपने गुर्दे की सुरक्षा करने और गुर्दे से जुडी किसी भी तरह की समस्या से बचने के लिए, सबसे बढ़िया तरीकों के बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए, आप श्रीनगर के किसी भी मूत्र रोग विशेषज्ञ से सलाह ले सकते हैं, जिनका इस विषय पर ज्ञान, आपकी काफी ज्यादा साहियता कर सकता है। लुधियाना में भी हमारे एक मूत्र रोग विशेषज्ञ उपलब्ध हैं, जिनके देखभाल तरीके, तकनीक और उपचार के माध्यम से आपके गुर्दे की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य को प्रभावी ढंग से बेहतर बनाने में आपकी मदद करेंगे। इस इलाज के लिए बस आपको अपने स्थान से दो घंटे की ड्राइव करनी पड़ेगी।
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