
लुधियाना, पंजाब में लेप्रोस्कोपिक और जरनल सर्जन, क्या आप इसके बारे में सोच रहे हैं, कि किसी जरनल सर्जन से सलाह करना कैसा होता है? किसी जरनल सर्जन से सलाह लेने का मतलब है:
इसके अतिरिक्त, विशेष्ज्ञ आपके कुछ रोग-पहचान संबंधी टेस्ट करेंगे और साथ ही आपको प्रकिरिया को करने के तरीके के बारे में मत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे। खोसला किडनी स्टोन एंड सर्जिकल सेंटर में मौजूद विशेष्ज्ञ आपको वह सबसे बढ़िया देखभाल प्रदान करेंगे, जिसकी आपको जरूरत होती है। इसके अतिरिक्त, विशेषज्ञ आपके शरीर के अलग -अलग अंगों से जुडी बिमारिओं के इलाज में अपनी ख़ास योग्यता को रखते हैं।
जरनल सर्जरी वास्तव में विज्ञान की वह शाखा है, जो मुख्य रूप से पेट की आंतरिक सामग्री, छोटी आंत, आमाशय, बड़ी आंत, ग्रासनली, अग्न्याशय, यकृत, पित्ताशय, पित्त नली और अपेंडिक्स पर केंद्रित होती है। आपकी बेहतर मदद और साथ ही आपकी सेहत को अच्छा बनाने के लिए हमारे केंद्र में सबसे आधुनिक और उन्नत इलाज प्रक्रियायों को अपनाया जाता है।
खोसला किडनी स्टोन एंड सर्जिकल सेंटर में, उपलब्ध हमारे सर्जन आपातकालीन स्थितियों को बेहतर तरीके से समझते हैं। उन्नत दृष्टिकोण के साथ इस को संभालना बहुत ही ज्यादा आसान हो जाता है:
लेप्रोस्कोपी प्रक्रिया वास्तव में बीमारी की जांच करने के लिए एक पहचान प्रक्रिया के रूप में कार्य करती है।लुधियाना, पंजाब के सबसे बढ़िया लैप्रोस्कोपिक सर्जनों में से एक आपको, आपके इलाज को और भी ज्यादा आसान बनाने के लिए लैप्रोस्कोपी के जरिये अपनी जरनल सर्जरी को करवाने की सलाह देगा। इसके अतिरिक्त, लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के दौरान एक छोटा सा चीरा लगाया जाता है, जो इस प्रक्रिया को और भी अधिक आरामदायक बनाता है और साथ ही जोखिम की वजह को कम करता है।
लेप्रोस्कोपिक प्रक्रिया के दौरान, लैप्रोस्कोप को चीरे के माध्यम से पेट के अंदर डाला जाता है, जिसके एक सिरे पर एक छोटा सा कैमरा लगा हुआ होता है, जो सर्जन को भीतर का सब कुछ देखने की आज्ञा देता है और साथ में सर्जन के लिए इस प्रक्रिया को करना बहुत ही आसान हो जाता है। लेप्रोस्कोपिक जरनल सर्जरी बीमारी की बेहतर तरीके से जांच करती है और हर संभव तरीके से आपकी समस्या में बेहतर सुधार करती है।
लुधियाना, पंजाब में जरनल लैप्रोस्कोपी सर्जरी, वास्तव में एक कम से कम आक्रामक इलाज प्रक्रिया है, जिसमें आमतौर पर सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और एमआरआई स्कैन का इस्तेमाल किया जाता है। इन सभी कारणों के साथ, ख़ास समस्या की पहचान करना काफी ज्यादा आसान हो जाता है। निम्नलिखित समस्याओं के आधार पर सर्जन आपको लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की सलाह दे सकते हैं:
लेप्रोस्कोपिक प्रक्रिया की मदद से समस्या की गंभीरता के बारे में और साथ ही आगे की इलाज योजना का पता लगाना काफी ज्यादा आसान हो जाता है।
आपकी सेहत को हर संभव तरीके से बेहतर करने के लिए, खोसला किडनी स्टोन एंड सर्जिकल सेंटर में, जरनल सर्जरी की प्रक्रिया को किया जाता है। सबसे जरूरी और अहम बात यह है, कि हमने आपको सभी नवीनतम तकनीकों के आधार पर सबसे भरोसेमंद इलाज योजना प्रदान की है। दरअसल जरनल सर्जरी में उपयोग किये जाने वाले उन्नत तरीके आपकी सेहत को और भी ज्यादा बेहतर बनाने में अहम भूमिका को निभाते हैं।
हर्निया की मरम्मत के इलाज में, मांसपेशियों की दीवार में कमजोर जगह होने की वजह से आंत या फिर अन्य अंग कभी कभी उस जगह से बाहर आ सकते हैं और आसपास चर्बी ऊतक का जमाव हो सकता है। इस तरह की समस्या में वक्त पर इलाज प्राप्त न होने से दर्द और अन्य संभावित जटिलताएँ हो सकती हैं। नवीनतम तकनीक और साथ ही विशेष्ज्ञों की ख़ास योग्यता का इस्तेमाल उत्तम देखभाल प्रदान करता है और हर संभव उपायों से सुरक्षा और आराम में परिवर्तन करता है। इसके अतिरिक्त, इलाज का वक्त न्यूनतम हो जाता है, जिससे मरीजों के लिए अपनी सेहत की देखभाल करना बहुत ज्यादा आरामदायक हो जाता है।
वास्तव में पित्ताशय की थैली को निकालने की सर्जरी तब की जाती है, जब पित्ताशय की थैली कई तरह की बीमारियों से प्रभावित होती है, जैसे की पित्ताशय की पथरी होना या फिर कैंसर होना। लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के माध्यम से स्थिति की गंभीरता की पहचान की जाती है और साथ ही समस्या का समाधान किया जाता है। इस वजह से, उपचार का समय काफी कम हो जाता है और साथ में दर्द से भी राहत प्राप्त होती है।
हमारे अस्पताल में, जरनल लेप्रोस्कोपिक सर्जरी, प्रक्रिया के दौरान मरीज को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए जरनल एनेस्थीसिया दिया जाता है, यह सर्जरी सामान्य एनेस्थीसिया के तहत की जाती है। सर्जरी शुरू करने के लिए सर्जन नाभि के निचले भाग पर बस एक छोटा सा चीरा लगाते हैं और फिर कैनुला को डालते हैं।
सर्जरी में वास्तव में चीरों का कुल माप और संख्या आपकी वर्तमान स्थिति के ऊपर निर्भर करती है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद, विशेषज्ञ लगाए गए सभी जरूरी उपकरणों को बाहर निकाल देंगे। सर्जरी के बाद लगे चीरों को पट्टी या फिर तकों के माध्यम से बंद कर दिया जाता है। खोसला किडनी स्टोन एंड सर्जिकल सेंटर में, आपको सर्वश्रेष्ठ देखभाल प्रदान की जाएगी, क्योंकि आपकी सेहत स्थिति को हर संभव तरीके से बेहतर करने के लिए, हमारे पास सबसे उन्नत और नवीनतम उपकरणों की व्यवस्था उपलब्ध है।
अगर आप यह सोच रहे हैं, कि आपकी सेहत में क्या परेशानी है, और इससे छुटकारा कैसे पाया जाये, तो अपनी सेहत को सेहतमंद और प्रबंधनीय बनाने के लिए, हमारे अस्पताल में मौजूद मूत्र रोग विशेषज्ञ से अपनी प्रारंभिक परामर्श का समय निर्धारित करें। किसी भी तरह की समस्या होने पर कृपया देर न करें और अपनी सभी चिंताओं को विशेषज्ञ के साथ साझा करें।
लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की तैयारी कैसे करें?
सफलतापूर्वक लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की तैयारी करने के लिए, डॉक्टर द्वारा बताई गई सभी जरूरी सलाहों का पालन करना सुनिश्चित करें। अगर आप गर्भवती हैं, तो इसके बारे में अपने डॉक्टर को जरूर सूचित करें।
लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के बाद ठीक होने में कितना समय लगता है?
लैप्रोस्कोपिक प्रकिरिया के बाद आपके दिल की गति और साँस लेने जैसे संकेतों पर कड़ी से कड़ी नज़र रखी जाती है। इसके साथ ही, एनेस्थीसिया के संभावित बुरे प्रभावों की अच्छे तरीके से जांच की जाती है। आपको अस्पताल से छुट्टी कब मिलेगी, यह निर्धारित करने वाले कारक इस प्रकार हैं:
