
पित्ताशय नाशपाती के आकार जैसा का एक अंग होता है, जो आपके पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में, यकृत के ठीक नीचे पाया जाता है। पित्ताशय पित्त के रस को स्टोर करने का महत्वपूर्ण कार्य करता है, जो व्यक्ति की पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है। लेकिन जब शरीर में कोलेस्ट्रॉल का जमाव काफी ज्यादा हो जाता है, तो कोलेस्ट्रॉल पित्ताशय में इकट्ठा होकर पथरी बना सकता है। पंजाब में पित्ताशय की पथरी (पित्त पथरी) के इलाज की संभावना काफी अधिक होती है
पित्ताशय का आकार हर व्यक्ति में विभिन्न होता है और कभी -कभी इसमें पथरी की संख्या एक से ज्यादा भी हो सकती है। इसलिए डॉक्टरी सहायता प्राप्त करना और लक्षणों का प्रभावी ढंग से इलाज करवाना बहुत महत्वपूर्ण है।
अगर आप भी इस तरह की किसी समस्या से जूझ रहे हैं, तो आप आज ही खोसला स्टोन किडनी एंड सर्जिकल सेंटर में मौजूद तज़रबेकार पित्ताशय सर्जन से सलाह लें। डॉ. राजेश खोसला की निगरानी में, जांच की जाएगी, कि आपकी स्वास्थ्य स्थिति के लिए क्या आवश्यक है और लुधियाना में पित्ताशय की पथरी के जरूरी इलाज के साथ, स्थिति का सफल समाधान कैसे किया जाए, विशेषज्ञ द्वारा इस पर समझदारी भरा और एक सूचित निर्णय लिया जाता है।
पित्ताशय की पथरी के लक्षण वास्तव में नज़र नहीं आते हैं, पर अगर पथरी नली में फस जाये, तो रुकावट की संभावना बढ़ सकती है और इस दौरान आपको कई तरह के लक्षण नज़र आ सकते हैं, जैसे कि :
इस दौरान यह दर्द कुछ मिनटों से लेकर कई घंटों तक रह सकता है। कई बार ऐसा भी हो सकता है, कि यह दर्द अचानक शुरू होकर, समय के साथ धीरे-धीरे और भी तीव्र हो सकता है।
अभी तक, पित्ताशय की पथरी बनने का सही कारण स्पष्ट नहीं है। इस समस्या का ठीक से विश्लेषण करना बहुत ज़रूरी है, ताकि मूत्र रोग विशेषज्ञ सलाह दे सकें, कि कौन सा उचित उपचार चुनना है। पित्त में ज्यादा कोलेस्ट्रॉल की मौजूदगी और पित्त में बिलीरुबिन ज्यादा होने का कारण गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसके साथ ही, पथरी का निर्माण पित्ताशय की सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित करता है, जिससे कि वह सही ढंग से काम नहीं कर पता हैं।
पित्ताशय की पथरी की पहचान करने के लिए अलग-अलग प्रक्रियाओं और परीक्षणों की जरूरत होती है, जैसे :
पित्ताशय की पथरी निकालने की इलाज योजना आपकी स्वास्थ्य स्थिति, लक्षणों और कई कारकों पर निर्भर करती है। ज्यादातर मामलों में, वक्त रहते समस्या को नियंत्रित करने के लिए सर्जरी को ही सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है।
1. लेप्रोस्कोपिक पित्ताशय की थैली निकालना :
लेप्रोस्कोपिक प्रक्रिया में लैप्रोस्कोप को सुरक्षित रूप से पेट में डालकर, लगभग 3 से 4 चीरे लगाए जाते हैं और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के माध्यम से पित्ताशय की पथरी को शरीर से बाहर निकाला जाता है। यह पूरी प्रक्रिया जिस तरीके से की जाती है, उससे मरीज के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और समग्र स्वास्थ्य में बहुत बड़ा अंतर आता है। इस सर्जरी में कम से कम आराम समय और मरीज उसी दिन अस्पताल से छुट्टी पा सकता है।
2. गैर-शल्य चिकित्सा तकनीक (दवाएँ)
अगर किसी वजह से सर्जरी, आपकी स्थिति के लिए सही नहीं होती है, तो विशेषज्ञ जरूरी दवाओं के माध्यम से स्थिति को प्रभावी ढंग से संभालने की सलाह देते हैं।
आप जो भी भोजन करते हैं, उसका सीधे तौर पर, आपके पित्ताशय के स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है। इसलिए आप जो भी आहार लेते हैं, उसको संतुलित रखना बहुत ज्यादा जरूरी है, ताकि आप का शरीर सही ढंग से काम कर सके और साथ ही पित्ताशय पर किसी भी प्रकार का हानिकारक प्रभाव न पड़ सके। इसलिए अपने आहार में हमेशा सेहतमंद और पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करना बहुत जरूरी है, निम्नलिखित खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल करें:
लुधिअना, पंजाब में खोसला स्टोन किडनी एंड सर्जिकल सेंटर में, इस तरह की समस्या से छुटकारा पाने के लिए, आपको सबसे उन्नत और प्रभावी तरीका प्रदान किया जाएगा। अपनी समस्या के जांच और निदान के लिए, आप अस्पताल के विशेषज्ञ से खुलकर चर्चा करें।
